Skip to main content

मैं और मेरी कहानी

मेरी कहानी तब से शुरू होती है जब मैं केवल 13 साल की थी मेरे माता-पिता को हम पांच बेटियां और दो बेटे थे तब तक सब कुछ ठीक चल रहा था हम जो मांगे वह हमें मिलता था हमारी हर जरूरतें पूरी हो जाती थी पापा हमें वह हर चीज लाकर देते जो मां बाप अपने बच्चों को देते हैं लेकिन मुझे सातवें नंबर पर जो भाई हुआ छोटा उसके बाद हमारी जो आर्थिक परिस्थिति थी वही ऐसी चेंज हुई जैसे मानो हम कहानियों में सुनते आए हैं कि कोई राजा और रंक बन गया सेम उसी तरह से हमारी आर्थिक परिस्थिति में चेंजर सागर मेरे पिताजी को कुछ बुरे लोगों की दोस्ती लग चुकी थी और पिताजी के बिजनेस में उनको बहुत लाश लॉस उठाना पड़ा और इसके चलते जो नशे की आदत थी पापा की और बढ़ते गई ऐसे करते-करते हम इतने गरीब हो चुके थे कि ना हम दाने दाने के लिए मौका से दो वक्त की रोटी मिलना भी हमें नसीब नहीं होता छोटे छोटे भाई बहन मेरे सामने बुक से विकल कर रोते थे मैं उन्हें रोटी रोटी के लिए मोहताज देखी थी तिलमिला जाती थी कि मैं अपने भाई बहन नीम का पेड़ कैसे भूलू कहां से खाना लाओ कौन देगा मुझे खाना ऐसा मैं क्या करूं काम अपने भाई-बहनों के लिए दो वक्त की रोटी कमा सकूं मेरे पिताजी पूरी तरह से दारू की लत में डूब चुके थे और मां मां ने भी कभी कोई काम नहीं की थी बाहर जाकर कोई काम नहीं जानती थी वह ना खेती का ना मजदूरी अब करे तो क्या करें दारु भट्टी के सामने बैठकर शाम के समय ₹10 के दो समोसे बेचा करती थी और उसमें जो भी कमाई होती सौ पचास₹50 उससे उस दिन का हमारा चूल्हा जलता था और जो भी बने जितना भी आता किलो 1 किलो चावल सब्जी का या फिर चटनी बनाकर वह हमें खिलाती थी इस तरह से मेरी मां ने हमें पाला ऐसी करते करते 10th क्लास में फौजी होशियार पढ़ाई में होशियार थी मैं खेलकूद में भी थी डांस ने दी थी हर चीज में ऑलराउंडर थी लेकिन हालात कुछ ऐसे थे कि मैं कंटिन्यू स्कूल नहीं जा पाती थी क्योंकि मुझे भी बीच-बीच में कोई मजदूरी या खेती बाड़ी का काम मिलता तुझे जाना पड़ता था और जो बाकी दिन बसते थे मेरे पास में मुझे मिलते थे तब मैं स्कूल जाती और पढ़ाई करती थी मेरे पास ना तो किताबी किताबी तो फिर स्कूल से मिल गई थी लेकिन कॉपी नहीं थी फिर भी मैंने जो मेरे पास किताबे थी उन्हीं में से पढ़ कर अपनी दसवीं की पढ़ाई मैंने पूरी मेरे पिताजी शाम को पीकर आते हो रात में ना पढ़ने देते थे बस अपनी बड़बड़ चालू रखते थे लेकिन फिर भी मैं पिताजी को सोने देती और रात के 12:00 बजे तक पढ़ाई करती और फिर मैं सो जाती थी किस तरीके से मैंने अपने फ्रेंड क्लास को पास कर ली उसके मैंने एलिमेंट के लिए उसी स्कूल में दाखिला लिया और अपनी मजदूरी करते हुए अपने भाई-बहनों को संभालती हुई है 11वीं और 12वीं मेंअपनी  निकाल लिए इसके बाद सामने की पढ़ाई के लिए ना तो मेरे घर के हालात थे और ना ही जिस गांव में मैं रहती थी वहां पर कोई कॉलेज था सामने की पढ़ाई के लिए मुझे गांव से बाहर जाना पड़ता और आने जाने के लिए मुझे रोज ₹10 लगते जो घर से मुझे नहीं मिलते थे इसीलिए आगे की पढ़ाई में नहीं कर पाई औरछोटे बच्चों की ट्यूशन क्लास लेनी शुरू कर दी और मैं मार्शल आर्ट में ग्रीन बेल्ट हूं तो मैंने शाम के समय में 2 घंटा कराटे क्लास चलाना शुरु किए जिससे मुझे थोड़े बहुत पैसे मिल जाते थे तो मैं अपने अपनी मां मां को घर चलाने में हेल्प कर लेती थी और मेरे बहन भाई स्कूल जाया करते थे उन्हें पढ़ाने में मुझे बहुत अच्छा लगता था घर में दो वक्त का चूल्हा जलने लगा था और सब भाई बहन हम दो टाइम का खाना भरपेट खाने लगे हम घर के हालात कुछ ठीक चल रहे थे दोस्तों इसके बाद की कहानी मैं अपने कल की पोस्ट में लिखूंगी आप बने रहिएगा मेरी पोस्ट पर धन्यवाद

Comments

Post a comment

Popular posts from this blog

Hair Care ।। जानिए क्यों होते हैं दो मुहे बाल और घरेलू उपाय।। Hair Split Ends Causes And Treatment ।।

Hair Care
जानिए क्यों होते हैं दो मुहे बाल 
            और घरेलू उपाय।। Hair Split Ends               Causes And Treatment ।।

दो मुंहे बाल और घरेलू उपाय : split ends का अर्थ है दो मुंह वाले बाल। यह होने से बालों की ग्रोथ होना बंद हो जाती है। बाल रफ दिखने लगते हैं। इस कारण split ends को काटना जरूरी होता है। दो मुंहे बालों से छुटकारा पाने का एक सबसे अच्छा तरीका है बालों को ट्रिम करना। दो मुंहे बालों को ठीक करने के लिए कोई भी घरेलू उपाय करने से पहले बालों को ट्रिम करना आवश्यक है। नहीं तो दो मुहे बाल कम होने की बजाए बढ़ते ही जाएंगे। बताए गए उपायों से आप अपने बालों को आवश्यक पोषण देकर बालों को दो मुहै होने से बचा सकते हैं।

किसे कहते हैं दो मुहे बाल : बालों को पर्याप्त पोषण ना मिलने से और केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना। इस कारण बालों में रूखापन आता है और इसी रूखे पन के कारण बालों का निचला हिस्सा दो से तीन हिस्सों में फ ट जाता है। जिसे हम दो मुहे बाल स्प्लिट एंड्स कहते हैं। इससे बाल बेजान होकर झड़ने लगते हैं। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो बालों की सुंदरता खत्म होने लगती है।

 जानिए क…
अगर चाहिए चेहरे पर गजब का निखार
                 तो करें यह काम ।। Skin Care ।।

आपने बहुत से फायदे सुने होंगे या पढ़े होंगे गर्म पानी पीने के। गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है। पर क्या? आप जानते हैं गर्म पानी पीने से चेहरे पर भी निखार आता है। स्किन में चमक आती है। त्वचा ग्लो करने लगती है।

चेहरे पर जो कील, मुहासे के दाग-धब्बे होते हैं। यह भी आपको कम होते हुए नजर आएंगे केवल गर्म पानी पीने से और, मुहासे होना बिलकुल भी नहीं होंगे। गरम पानी के रोज पीने से चेहरे पर अमेजिंग रोनक आती है। गर्म पानी पीना केवल आपके शरीर के लिए ही नहीं बल्कि यह आपकी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।


रोज गर्म पानी पीने से हमारे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और, इसी कारण हमारी त्वचा और भी ज्यादा चमकदार होने लगती है। इसके अलावा हमारी त्वचा में फ्री रेडिकल्स भी जड़ से खत्म होने होते हैं।

रोज दिन भर में 5 से 6 गिलास गर्म पानी पीना जरूरी है। इससे शरीर में ब्लड सरकुलेशन अच्छा होता है। ब्लड शुद्ध (फिल्टर) होता है और, इसी कारण चेहरे पर किसी प्रकार के दाग-धब्बे नहीं होते हैं। नियमित गर्म पानी पीन…

मैं और मेरी कहानी

जिंदगी मुस्कुराने ही लगी कि, तभी एक तूफान आया मेरी जिंदगी में एक दिन अचानक एक लड़के से मुलाकात हुई। और वह दिन मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा हादसा (दुर्घटना) साबित हुआ। वह मुझे चाहने लगा। किसी ना किसी बहाने से मुझे रोज मिलने लगा। उसकी हरकतों से मुझे यह एहसास हो चुका था। और इसलिए मैं दूर रहने की कोशिश करती थी। मेरे ऊपर जिम्मेदारी का बोझ था मेरा बचपन तो खो चुका था। मगर मेरे बहन-भाइयों का बचपन नहीं खोना चाहती थी। उनकी खुशी उनकी पढ़ाई में अपने आप को झोंक चुकी थी। प्यार के लिए या किसी एहसास के लिए मेरे जीवन में कोई जगह नहीं थी। मैं अपने परिवार के बिना किसी और के लिए सोच ही नहीं सकती । फिर एक दिन उसने मुझे प्रपोज किया मैंने मना कर दी लेकिन वह नहीं माना और मेरे सामने उसने अपनी कलाई काट दी "शायद न्यू ब्लेड वह अपनी जेब में रखे था और घर से सोच कर ही आया होगा"जैसे हाथ की नस कटी वैसे ही वह बेहोश गिर पड़ा मैं घबरा गई जोर जोर से चिल्लाने चीखने लगी उस वक्त पड़ोस में जो थे सब दौड़ते आए और उस लड़के को अस्पताल लेकर चले गए उसे होश आया ट्रीटमेंट किया और उसे लेकर मोहल्ले के 7-8 मान्यवर लोग मेरे घर…