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मैं और मेरी कहानी

जिंदगी मुस्कुराने ही लगी कि, तभी एक तूफान आया मेरी जिंदगी में एक दिन अचानक एक लड़के से मुलाकात हुई। और वह दिन मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा हादसा (दुर्घटना) साबित हुआ। वह मुझे चाहने लगा। किसी ना किसी बहाने से मुझे रोज मिलने लगा। उसकी हरकतों से मुझे यह एहसास हो चुका था। और इसलिए मैं दूर रहने की कोशिश करती थी। मेरे ऊपर जिम्मेदारी का बोझ था मेरा बचपन तो खो चुका था। मगर मेरे बहन-भाइयों का बचपन नहीं खोना चाहती थी। उनकी खुशी उनकी पढ़ाई में अपने आप को झोंक चुकी थी। प्यार के लिए या किसी एहसास के लिए मेरे जीवन में कोई जगह नहीं थी। मैं अपने परिवार के बिना किसी और के लिए सोच ही नहीं सकती । फिर एक दिन उसने मुझे प्रपोज किया मैंने मना कर दी लेकिन वह नहीं माना और मेरे सामने उसने अपनी कलाई काट दी "शायद न्यू ब्लेड वह अपनी जेब में रखे था और घर से सोच कर ही आया होगा"जैसे हाथ की नस कटी वैसे ही वह बेहोश गिर पड़ा मैं घबरा गई जोर जोर से चिल्लाने चीखने लगी उस वक्त पड़ोस में जो थे सब दौड़ते आए और उस लड़के को अस्पताल लेकर चले गए उसे होश आया ट्रीटमेंट किया और उसे लेकर मोहल्ले के 7-8 मान्यवर लोग मेरे घर आए सभी को पता चल चुका था। उसके कलाई काटने का कारण। मेरे पापा के साथ बैठे और इस बात पर चर्चा करने लगे ।पापा तो अपने नशे में धुत थे। सब ने उन्हें समझाया कि इस गरीबी में बेटी के लिए वर ढूंढना और शादी करना यह तेरे बस की बात नहीं ऊपर से पांच- पांच बेटियां है। और यह लड़का तेरी बेटी से शादी करना चाहता है ।आज के जमाने में जाति कौन देखता है। आप-हम यह जाति के बारे में सोचते हैं। और फिर कल को कोई ऊंच-नीच हो गया और लड़की घर से भाग गई तो। हम क्या करेंगे घर बैठे लड़का मिल रहा है। हां बोल दे और मेरे पापा ने हां कह दिए। उन्हें अपने सर से बोझ जो उतारना था। मगर किसी ने मेरी मर्जी नहीं पूछी यह भी भूल गए कि यही लड़की इस घर परिवार को संभाल रही है। कमा रही है और पाल रही हैं। खैर कम से कम उस लड़के के बारे में तो थोड़ी जानकारी ले सकते थे। उस पर इतना भरोसा किया सब ने सिर्फ इसलिए उसने लहू के चार बूंद बहाय। आगे कल। बने रहिएगा मेरी पोस्ट पर, //धन्यवाद//

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मैं और मेरी कहानी

मेरी कहानी तब से शुरू होती है जब मैं केवल 13 साल की थी मेरे माता-पिता को हम पांच बेटियां और दो बेटे थे तब तक सब कुछ ठीक चल रहा था हम जो मांगे वह हमें मिलता था हमारी हर जरूरतें पूरी हो जाती थी पापा हमें वह हर चीज लाकर देते जो मां बाप अपने बच्चों को देते हैं लेकिन मुझे सातवें नंबर पर जो भाई हुआ छोटा उसके बाद हमारी जो आर्थिक परिस्थिति थी वही ऐसी चेंज हुई जैसे मानो हम कहानियों में सुनते आए हैं कि कोई राजा और रंक बन गया सेम उसी तरह से हमारी आर्थिक परिस्थिति में चेंजर सागर मेरे पिताजी को कुछ बुरे लोगों की दोस्ती लग चुकी थी और पिताजी के बिजनेस में उनको बहुत लाश लॉस उठाना पड़ा और इसके चलते जो नशे की आदत थी पापा की और बढ़ते गई ऐसे करते-करते हम इतने गरीब हो चुके थे कि ना हम दाने दाने के लिए मौका से दो वक्त की रोटी मिलना भी हमें नसीब नहीं होता छोटे छोटे भाई बहन मेरे सामने बुक से विकल कर रोते थे मैं उन्हें रोटी रोटी के लिए मोहताज देखी थी तिलमिला जाती थी कि मैं अपने भाई बहन नीम का पेड़ कैसे भूलू कहां से खाना लाओ कौन देगा मुझे खाना ऐसा मैं क्या करूं काम अपने भाई-बहनों के लिए दो वक्त की रोटी कमा सक…
अगर चाहिए चेहरे पर गजब का निखार
                 तो करें यह काम ।। Skin Care ।।

आपने बहुत से फायदे सुने होंगे या पढ़े होंगे गर्म पानी पीने के। गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है। पर क्या? आप जानते हैं गर्म पानी पीने से चेहरे पर भी निखार आता है। स्किन में चमक आती है। त्वचा ग्लो करने लगती है।

चेहरे पर जो कील, मुहासे के दाग-धब्बे होते हैं। यह भी आपको कम होते हुए नजर आएंगे केवल गर्म पानी पीने से और, मुहासे होना बिलकुल भी नहीं होंगे। गरम पानी के रोज पीने से चेहरे पर अमेजिंग रोनक आती है। गर्म पानी पीना केवल आपके शरीर के लिए ही नहीं बल्कि यह आपकी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।


रोज गर्म पानी पीने से हमारे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और, इसी कारण हमारी त्वचा और भी ज्यादा चमकदार होने लगती है। इसके अलावा हमारी त्वचा में फ्री रेडिकल्स भी जड़ से खत्म होने होते हैं।

रोज दिन भर में 5 से 6 गिलास गर्म पानी पीना जरूरी है। इससे शरीर में ब्लड सरकुलेशन अच्छा होता है। ब्लड शुद्ध (फिल्टर) होता है और, इसी कारण चेहरे पर किसी प्रकार के दाग-धब्बे नहीं होते हैं। नियमित गर्म पानी पीन…