Skip to main content

कच्ची उम्र का पहला प्यार !!


                               * पहला प्यार *

जब वह किशोरावस्था की चौखट पर खड़ी थी। हर लड़की की तरह ही उसे भी गुमान था। अपने रूप, रंग पर उसे उसकी उम्र से कुछ वर्ष बड़े युवा, लड़कों की निहारती आंखों ने उसे यह अहसास करा दिया था, कि वह बहुत सुंदर है। जब भी वह कहीं आती-जाती चाहे कितनी ही भीड़ में क्यों? ना हो लोग उसे निहारते ऐसी बला की खूबसूरती पाई थी सुमन ने। कभी-कभी वह मन ही मन इतराती तो कभी खुद को गंदी नजरों से बचाती। लेकिन अब तक दिल का कोना खाली ही था। दिल किसी पर अटके ऐसा कोई नहीं था।

         मेरे ख्वाबों में जो आए। आके मुझे छेड़ जाए।
              उससे कहो कभी सामने तो आए।

सुमन अपनी चाची के घर एक रात टीवी देख रही थी। कि तभी दरवाजा खटखटाने की आवाज आई। दरवाजा खुला था सुमन ने झांककर देखा, तो बाहर कोई रिश्तेदार खड़ा था। चाची ने उन्हें अंदर बुला कर बैठाया। सुमन को इससे कोई लेना-देना नहीं था। कि घर में कौन आया है। उसे तो बस अपने टीवी प्रोग्राम देखने से मतलब था।

कुछ देर बाद मेहमान भी टीवी वाले कमरे में आकर बैठ गए। जहां सुमन बड़ी तल्लीनता से टीवी देख रही थी। कुछ क्षणों बाद बातचीत के दौरान सुमन की नजर उस मेहमान के साथ आए हुए नए चेहरे पर पड़ी। सुमन वहां से उठकर किचन में चाची के पास चली गई। चाची मेहमानों के लिए नाश्ता बना रही थी। नाश्ता बनाने में चाची की मदद करने लगी।

           तुझे देखे बिना तेरी तस्वीर बना सकता हूं।
            तुझसे मिले बिना तेरा हाल बता सकता हूं।
                   है, मेरी दोस्ती में इतना दम कि, 
                    तेरी आंख का आंसू                                                      अपनी आंख से गिरा सकता हूं।

चाची पकौड़े तल ही रही थी। कि इतने में सुमन के भैया भी आ गए। और उसने नय चेहरे की पूछताछ शुरू की उसने अपना नाम विहान बताया। और उसने कहा कि, "मैं आपके पीछे ही सफेद कलर की बिल्डिंग में रहता हूं।" सुमन के भैया का कहना था कि, वह बिल्डिंग किसी एडवोकेट की थी तब उसने अपने तसल्ली के लिए विहान से पूछ ही लिया। "आपके घर में कोई एडवोकेट है क्या?" वीहान ने जवाब दिया। "हां, वह मेरे फूफा जी है।" जवाब से भैया तो संतुष्ट हो गए. लेकिन मन में फिर भी एक कंफ्यूजन रह गया।

          वह आपका पलके झुका के मुस्कुराना।
          वह आपका नजरें झुका के शर्माना।
          वैसे आपको पता है। या नहीं हमें पता नहीं।
          पर इस दिल को मिल गया है। उसका नजराना।

चर्चा का सिलसिला चल रहा था। इतने में ही सुमन गरमा गरम पकोड़े लेकर आई। सुमन ने सभी को बड़े प्यार से थोड़ा फोर्स कर के पकोड़े खिलाए। सब नाश्ता कर रहे थे। उतने में सुमन वहां से जाने लगी थी कि तभी, रास्ते में कुर्सियां थी विहान ने उन्हें हटाकर सुमन का रास्ता खुला किया। बस अब क्या? था कच्ची उम्र में लड़कों की इन्हीं अच्छाई पर लड़कियां अपनी जान छिड़कती है। और बिना सोचे समझे प्यार कर बैठती है। बिल्कुल ऐसा ही सुमन के साथ हुआ। वीहान की इस जरा सी अच्छाई पर वह फिदा हो गई।

         अजनबी मुझ को इतना बता।
          दिल मेरा क्यों परेशान है।
          देख के तुझको ऐसा लगे।
          जैसे बरसों की पहचान है।


मेहमान अपने घर चले गए थे। लेकिन उनके साथ सुमन का दिल जा चुका था। और अब एक नया सिलसिला चल पड़ा था। आप सुमन रोज शाम को अपनी छत पर जाती। तो उसकी नजरें घर के पीछे वाली वही सफेद बिल्डिंग की छत पर होती। जिस सफेद बिल्डिंग में वीहान रहता था। सुमन का सिलसिला रोज ऐसे ही कुछ दिनों तक चलता रहा। लेकिन सुमन के साथ कुछ और ही हो रहा था।

सुमन जिस छत पर बिहान को ढूंढती वहां उसे कोई भी नहीं दिखता था। लेकिन वह सफेद बिल्डिंग के बगल वाली बिल्डिंग की छत पर उसे देखने कोई आता जरूर था। उसी तरह उसी समय जिस तरह सुमन किसी को देखने जाती थी। सुमन कुछ भी समझ नहीं पा रही थी। सुमन ने यह जानने का पूरा प्रयास कर रही थी, कि क्या यह वही है? जिसे देखने में रोज छत पर आती हूं। क्या यह वही है? जो मेरे दिल का मालिक बन बैठा है। या फिर कोई अजनबी चेहरा। लेकिन यह चेहरा अजनबी नहीं लगता था। बहुत कुछ जाना पहचाना सा कुछ अपना सा लगता था।

घर इतने पास भी नहीं था। की साफ साफ दिखाई दे इसलिए चेहरा भी धुंधला सा ही दिखाई देता था। लेकिन छत पर उसके होने का उसके होने का अहसास ही दिल के जज्बातों से भर देता था। दोनों एक दूसरे की निगाहों से छुपते छुपाते एक दूसरे को देखा करते और अब यह रोज का सिलसिला बन गया था। दोनों एक दूसरे को देखे बिना नहीं रहते। अब यह उनकी आदत बन गई थी।

           तुझे देख देख सोना, तुझे देखकर है जगना
            मैंने ये जिंदगानी संग तेरे बितानी तुझ में बसी है 
            मेरी जान हाय, जिया। धड़क.....धड़क........

                    आगे कल .......

                               // धन्यवाद //

















Comments

Post a comment

Popular posts from this blog

Hair Care ।। जानिए क्यों होते हैं दो मुहे बाल और घरेलू उपाय।। Hair Split Ends Causes And Treatment ।।

Hair Care
जानिए क्यों होते हैं दो मुहे बाल 
            और घरेलू उपाय।। Hair Split Ends               Causes And Treatment ।।

दो मुंहे बाल और घरेलू उपाय : split ends का अर्थ है दो मुंह वाले बाल। यह होने से बालों की ग्रोथ होना बंद हो जाती है। बाल रफ दिखने लगते हैं। इस कारण split ends को काटना जरूरी होता है। दो मुंहे बालों से छुटकारा पाने का एक सबसे अच्छा तरीका है बालों को ट्रिम करना। दो मुंहे बालों को ठीक करने के लिए कोई भी घरेलू उपाय करने से पहले बालों को ट्रिम करना आवश्यक है। नहीं तो दो मुहे बाल कम होने की बजाए बढ़ते ही जाएंगे। बताए गए उपायों से आप अपने बालों को आवश्यक पोषण देकर बालों को दो मुहै होने से बचा सकते हैं।

किसे कहते हैं दो मुहे बाल : बालों को पर्याप्त पोषण ना मिलने से और केमिकल युक्त प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना। इस कारण बालों में रूखापन आता है और इसी रूखे पन के कारण बालों का निचला हिस्सा दो से तीन हिस्सों में फ ट जाता है। जिसे हम दो मुहे बाल स्प्लिट एंड्स कहते हैं। इससे बाल बेजान होकर झड़ने लगते हैं। यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए तो बालों की सुंदरता खत्म होने लगती है।

 जानिए क…
अगर चाहिए चेहरे पर गजब का निखार
                 तो करें यह काम ।। Skin Care ।।

आपने बहुत से फायदे सुने होंगे या पढ़े होंगे गर्म पानी पीने के। गर्म पानी पीने से मेटाबॉलिज्म ठीक रहता है। पर क्या? आप जानते हैं गर्म पानी पीने से चेहरे पर भी निखार आता है। स्किन में चमक आती है। त्वचा ग्लो करने लगती है।

चेहरे पर जो कील, मुहासे के दाग-धब्बे होते हैं। यह भी आपको कम होते हुए नजर आएंगे केवल गर्म पानी पीने से और, मुहासे होना बिलकुल भी नहीं होंगे। गरम पानी के रोज पीने से चेहरे पर अमेजिंग रोनक आती है। गर्म पानी पीना केवल आपके शरीर के लिए ही नहीं बल्कि यह आपकी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद है।


रोज गर्म पानी पीने से हमारे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और, इसी कारण हमारी त्वचा और भी ज्यादा चमकदार होने लगती है। इसके अलावा हमारी त्वचा में फ्री रेडिकल्स भी जड़ से खत्म होने होते हैं।

रोज दिन भर में 5 से 6 गिलास गर्म पानी पीना जरूरी है। इससे शरीर में ब्लड सरकुलेशन अच्छा होता है। ब्लड शुद्ध (फिल्टर) होता है और, इसी कारण चेहरे पर किसी प्रकार के दाग-धब्बे नहीं होते हैं। नियमित गर्म पानी पीन…

दो मुझे बालों के लिए कारगर है। यह घरेलू उपाय।। Give me this home remedy is effective for hair

   दो मुझे बालों के लिए कारगर है।
                 यह घरेलू उपाय।। Give me this         home remedy is effective for hair

दो मुहे बाल होने से कैसे रोके : दो मुहेे बालों को हम किसी भी प्रकार से या सैलून ट्रीटमेंट से हटा तो देंगे लेकिन यह हमेशा के लिए नहीं रोक पाएंगे और जो पहले से बाल डैमेज हो रहे उन्हें जड़ से खत्म नहीं होगा। यदि आपको आपके दो मुंहे बालों से परमानेंटली निजात पाना है तो, इन्हें काटना पड़ेगा लेकिन हम आपको यहां कई ऐसे उपाय बता रहे हैं जिसे आप इस्तेमाल करके फिर से दोबारा दो मुहे बाल होने से रोक सकते हैं। और नरम, मुलायम ,स्वस्थ और मजबूत बाल पाने के लिए इन्हें जरूर आजमाएं।

डैमेज बालों को चेक करती रहे : आईने के सामने खड़े होकर अपने बालों को बारीकी से चेक करें। दो मुहे बाल, बालों के निचले हिस्से में होते हैं। दो मुंहे बाल और डैमेज बाल कई भिन्न-भिन्न रूपों में दिखते हैं। वह आपको पहचानते आने चाहिए।

खुद ट्रिम करें दो मुंहे बालों को : यदि आपको बाल नहीं कटवाने है और दो मुंहे बालों से भी निजात पानी है तो, दो मुंहे बालों की देखभाल खुद करें। बालों को ट्रिम करें। तेजी से काटे नहीं क्योंकि …