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Real Love Story !!


                    Real Love Story
                           Part-2

यह प्यार भी बड़ा अजीब है जब होता है तो ऐसे लगता है जैसे सारा संसार हंसी हो पूरे दुनिया अपनी सी लगती है चारों तरफ बस वही नजर आता है उसके सिवा कोई और दिखता क्यों नहीं सुबह भी उसी से होती है और रात भी उसी पर होती है बड़ा अजीब पर मीठा एहसास है "प्यार"

        लगने लगा है। मुझे आजकल,
        कि तुम साज छेड़ो मै गाऊ गजल,
        महसूस यू होता है क्यों?
        कि हर पल मैं तेरे साथ रहूं।

कुछ ऐसे ही मेरी हालत थी। आज उसने मुझे मिलना बुलाया था। शाम के 6:00 बजे जाना था उसे मिलने। मैं दिन भर बड़ी बेताब थी कि, कब दिन गुजरे और मैं उसे मिलने जाऊं। बड़ी बेसब्री से 6:00 बजने का इंतजार कर रही थी और साथ ही उस घड़ी को याद कर घबरा जाती थी। यह सोच कर कि, मैं कैसे मिलूंगी, मिलकर क्या कहूंगी? उफ़...वो उतावलापन।

श्याम के 5:00 बज चुके थे अब मेरे दिल ने धड़कना शुरू किया जैसे जैसे मिलने का वक्त नजदीक आ रहा था वैसे वैसे मेरे दिल की धड़कन भी बढ़ रही थी मैं जैसे तैसे तैयार हुई और निकल पड़ी प्यार की राह पर मेरे हाथ पैर कांप रहे थे मैं आज पहली बार किसी लड़के को अकेली मिलने वाली थी।

मैं पहले सिंधु के घर पहुंची और उसे साथ चलने को कहा तो मेरी कब-कब आहट देखकर वह साथ में आने को तैयार हो गई अब हम वहां पहुंचे जहां राज ने मुझे बुलाया था उस जगह मुझे पहुंचाकर सिंधु मुझे अकेली छोड़कर चली गई मैंने घबराते हुए अपने चारों तरफ देखी मुझे लगा 6:00 बजे बुलाया है और अभी 6:15 बजे है थे आया क्यों नहीं पर वह तो मेरे पहले ही वहां पहुंच चुका था जैसे मैं उसे दिखी वह मेरे पास आया और मुझे अपनी बाहों में भर कर किश....किया। मैं पहले से डरी हुई थी और किस करके उसने और मुझे डरा दिया मैंने उसे जोरों से धक्का दिया और बिना पीछे देख ऐसी भागी वहां से जैसे मैंने शेर देख लिया हो वह मुझे पुकारता रहा पर मैंने पीछे मुड़कर नहीं देखी और सीधे अपने घर पहुंची।

दूसरे दिन सिंधु मेरे घर आई और मुझे डांटने लगी ।"ऐसा कोई करता है भला। तू उसे धक्का देकर वहां से भाग निकली, तूने ऐसा क्यों किया? जब ऐसा ही था। तो तुम मिलने गई ही क्यों? उसने कल से खाना तक नहीं खाया है। वह बहुत परेशान है तेरे इस रवैया से।" फिर मैंने उसे बताया "सिंधु, राज ने मुझे किश.. किया। तो मैं बहुत घबरा गई थी।" सिंधु ने कहा क्यों? इसमें घबराने वाली क्या बात है। प्यार में यह सब होता है।" उसकी बात सुनकर मैंने एक ही सांस में उसे कहा "अच्छा अगर मुझे बच्चा हुआ तो मैं क्या करूंगी।"

मेरी इस बात पर सिंधु पागलों की तरह हंस पड़ी। वह इतनी हंसी, इतनी हंसी कि उस समय मुझे वह पागल लग रही थी। उस समय में केवल 15 वर्ष की थी और मुझे इतना ही पता था कि, लड़का, लड़की एक दूसरे को छूते हैं, किस करते हैं। तो उन्हें बच्चा होता है। मैं उसकी हंसी को समझ ही नहीं पा रही थी कि, आखिर यह क्यों हंस रही है? फिर उसने खुद को संभाला, हंसी रोकी और मुझे बताया कि, किश करने या, छूने से बच्चा नहीं होता। वह शादी के बाद होता है।

सिंधु ने राज को मेरे वहां से भागने का कारण बताया। तो राज ने मुझ से माफी मांगने के लिए एक पत्र लिखा
   
 प्रिय,
    Xyz, I Love you मुझे सिंधु ने बताया तुम्हारे भागने का कारण। दोबारा मुझ से ऐसी गलती कभी नहीं होगी। मैं, तुम्हें बहुत चाहता हूं। मैं, तुम्हारी मासूमियत पर मर मिटा हूं। तुम्हें सामने देख मैं खुद को रोक नहीं पाया। और तुम्हें सीने से लगाकर किश किया। सो सॉरी, अब तुम मुझसे जब भी मिलोगी मैं हमेशा हम दोनों में दूरी बनाकर ही तुमसे मिलूंगा। वादा करता हूं। तुम्हारी मर्जी के बिना किस भी नहीं करूंगा। पर प्लीज मुझे माफ करना और पत्र पढ़कर जवाब जरुर देना।
                                                सिर्फ तुम्हारा
                                                     राज

उसके बाद हम कई बार मिले। मगर उसने मुझसे हमेशा दूरी बनाकर ही रखी। हालांकि तब मैं समझ चुकी थी प्यार और शादी का फर्क। 5 सालों तक हमारी प्रेम कहानी ठीक-ठाक चलते रही। अब मैं बीए फाइनल कर रही थी और उसे उसके पापा की जॉब लगी थी। वह मेरे साथ शादी करना चाहता था मैं भी उसका घर बसाना चाहती थी। लेकिन हम कई बार  दूसरे जाति के थे। हम जितना आसान समझ रहे थे उतना ही कठिन था हमारा मिलन। और वही हुआ हमें समाज के आगे घुटने टेकने पड़े और अपनी अपनी जाति में शादी करनी पड़ी।

                        ।।। धन्यवाद ।।।


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